15 अगस्त 2012

साथियों, व्यवस्था परिवर्तन क्यो जरूरी है ? PART -6..........

साथियों, व्यवस्था परिवर्तन क्यो जरूरी है ? PART -6

* Indian Income Tax Act* - इस एक्ट पर जब ब्रिटिश संसद में चर्चा हो रही थी तो एक सदस्य ने कहा कि "ये तो बड़ा confusing है, कुछ भी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है", तो दुसरे ने कहा कि हाँ इसे जानबूझ कर ऐसा रखा गया है ताकि जब भी भारत के लोगों को कोई दिक्कत हो तो वो हमसे ही संपर्क करें। आज भी भारत के आम आदमी को छोडिये, इनकम टैक्स के वकील भी इसके नियमों को लेकर दुविधा की स्थिति में रहते हैं और इनकम टैक्स की दर रखी गयी 97% यानि 100 रुपया कमाओ तो 97 रुपया टैक्स में दे दो और उसी समय ब्रिटेन से आने वाले सामानों पर हर तरीके के टैक्स की छुट दी जाती है ताकि ब्रिटेन के माल इस देश के गाँव-गाँव में पहुँच सके और इसी चर्चा में एक सांसद कहता है कि "हमारे तो दोनों हाथों में लड्डू है, अगर भारत के लोग इतना टैक्स देते हैं तो वो बर्बाद हो जायेंगे या टैक्स की चोरी करते हैं तो बेईमान हो जायेंगे और अगर बेईमान हो गए तो हमारी गुलामी में आ जायेंगे और अगर बरबाद हुए तो हमारी गुलामी में आने ही वाले है।" तो ध्यान दीजिये कि इस देश में टैक्स का कानून क्यों लाया जा रहा है ? क्योंकि इस देश के व्यापारियों को, पूंजीपतियों को, उत्पादकों को, उद्योगपतियों को, काम करने वालों को या तो बेईमान बनाया जाये या फिर बर्बाद कर दिया जाये, ईमानदारी से काम करें तो ख़त्म हो जाएँ और अगर बेईमानी करें तो हमेशा ब्रिटिश सरकार के अधीन रहें। अंग्रेजों ने इनकम टैक्स की दर रखी थी 97% और इस व्यवस्था को 1947 में ख़त्म हो जाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ और आपको जान के ये आश्चर्य होगा कि 1970-71 तक इस देश में इनकम टैक्स की दर 97% ही हुआ करती थी। इसी देश में भगवान श्रीराम जब अपने भाई भरत से संवाद कर रहे हैं तो उनसे कह रहे है कि प्रजा पर ज्यादा टैक्स नहीं लगाया जाना चाहिए और चाणक्य ने भी कहा है कि टैक्स ज्यादा नहीं होना चाहिए नहीं तो प्रजा हमेशा गरीब रहेगी, अगर सरकार की आमदनी बढ़ानी है तो लोगों का उत्पादन और व्यापार बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करो। अंग्रेजों ने तो 23 प्रकार के टैक्स लगाये थे उस समय इस देश को लुटने के लिए, अब तो इस देश में VAT को मिला के 64 प्रकार के टैक्स हो गए हैं। महात्मा गाँधी के देश में नमक पर भी टैक्स हो गया है और नमक भी विदेशी कंपनियां बेंच रही हैं, आज अगर गाँधी जी की आत्मा स्वर्ग से ये देखती होगी तो आठ-आठ आंसू रोती होगी कि जिस देश में मैंने नमक सत्याग्रह किया कि विदेशी कंपनी का नमक न खाया जाये आज उस देश में लोग विदेश कंपनी का नमक खरीद रहे हैं और नमक पर टैक्स लगाया जा रहा है। शायद हमको मालूम नहीं है कि हम कितना बड़ा National Crime कर रहे हैं।,.......जारी अगले पोस्ट में .......

साथियों, व्यवस्था परिवर्तन क्यो जरूरी है ? ALL - PART

PART -5 http://oneindian009.blogspot.in/2012/08/part-5.html

14 अगस्त 2012

साथियों, व्यवस्था परिवर्तन क्यो जरूरी है ? PART -5 ............


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* Indian Civil Services Act* - 1860 में ही इंडियन सिविल सर्विसेस एक्ट बनाया गया। ये जो Collector हैं वो इसी कानून की देन हैं। भारत के Civil Servant जो हैं उन्हें Constitutional Protection है, क्योंकि जब ये कानून बना था उस समय सारे ICS अधिकारी अंग्रेज थे और उन्होंने अपने बचाव के लिए ऐसा कानून बनाया था, ऐसा विश्व के किसी देश में नहीं है, और वो कानून चूंकि आज भी लागू है इसलिए भारत के IAS अधिकारी सबसे निरंकुश हैं। अभी आपने CVC थॉमस का मामला देखा होगा। इनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता और इन अधिकारियों का हर तीन साल पर तबादला हो जाता था क्योंकि अंग्रेजों को ये डर था कि अगर ज्यादा दिन तक कोई अधिकारी एक जगह रह गया तो उसके स्थानीय लोगों से अच्छे सम्बन्ध हो जायेंगे और वो ड्यूटी उतनी तत्परता से नहीं कर पायेगा या उसके काम काज में ढीलापन आ जायेगा और वो ट्रान्सफर और पोस्टिंग का सिलसिला आज भी वैसे ही जारी है और हमारे यहाँ के कलक्टरों की जिंदगी इसी में कट जाती है। ये जो Collector होते थे उनका काम था Revenue, Tax, लगान और लुट के माल को Collect करना इसीलिए ये Collector कहलाये और जो Commissioner होते थे वो commission पर काम करते थे उनकी कोई तनख्वाह तय नहीं होती थी और वो जो लुटते थे उसी के आधार पर उनका कमीशन होता था। ये मजाक की बात या बनावटी कहानी नहीं है ये सच्चाई है इसलिए ये दोनों पदाधिकारी जम के लूटपाट और अत्याचार मचाते थे उस समय। अब इस कानून का नाम Indian Civil Services Act से बदल कर Indian Civil Administrative Act हो गया है, 64 सालों में बस इतना ही बदलाव हुआ है।

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9 अगस्त 2012

मुग़ल कालीन किले जैसा है ''कांडा'' का आवास,................


house like fort जूतों की दुकान से एमडीएलआर एयरलाइंस के मालिक बनने का सफर तय करने वाले हरियाणा के पूर्व गृह राज्यमंत्री गोपाल काडा की तरक्की की दास्तां ख्वाब सरीखी है। एक साल के भीतर ही कई अरब रुपये के ऐसे पांच प्रोजेक्ट बनाए गए हैं, जिन्हे अंजाम तक पहुंचाने का बूता सिर्फ किसी धन-कुबेर में ही हो सकता है। ढाई एकड़ में बना कांडा महल मुगलकालीन किले सरीखा है। पत्थरों के महल के करीब 25 फुट ऊंचे मुख्य द्वार की कीमत ही लाखों में बताई जा रही है।
तीन-चार साल से बन रहा महल पिछले साल बनकर तैयार हुआ। गृह प्रवेश गत दिसंबर में हुआ था। महल के भीतर हेलीपैड के अलावा अत्याधुनिक जिम, लॉन टेनिस ग्राउड और अस्तबल आदि है। काडा महल के फर्नीचर के बारे में शहर में आम चर्चा है कि इन पर महगी धातु जड़ी गई है। गीतिका शर्मा खुदकुशी मामले में कांडा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद कई प्रोजेक्ट का काम रुक गया है। इसमें मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल और सात मंजिला थ्री स्टार होटल शामिल है।

भारत ने किया अग्नि 2 का एक और सफल परीक्षण


agni 2 test fired succesfullyओड़िशा के व्हीलर द्वीप से गुरुवार सुबह 8.45 मिनट पर अग्नि 2 की बैलिस्टिक मिसाइल का सफल प्रक्षेपण किया गया। मध्यम दूरी की इस मिसाइल कि रेंज 2000 किमी है। जमीन से जमीन पर वार करने वाली यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में भी सक्षम है। इस टू स्टेज मिसाइल में मार्गदर्शन के लिए अत्याधुनिक यंत्र लगाए गए हैं, यहीं नहीं मिसाइल में दिशा नियंत्रण करने के लिए भी कई तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन [डीआरडीओ] ने मिसाइल का प्रक्षेपण किया है। गौरतलब है कि डीआरडीओ ने वर्ष 1999 में पहली बार इसका प्रक्षेपण किया था उसके बाद कई बार मिसाइल का प्रक्षेपण किया जा चुका है।

7 अगस्त 2012

साथियों, व्यवस्था परिवर्तन क्यो जरूरी है ? PART -4

Indian Police Act* - 1860 में इंडियन पुलिस एक्ट बनाया गया। 1857 के पहले अंग्रेजों की कोई पुलिस नहीं थी इस देश में | 
लेकिन 1857 में जो विद्रोह हुआ, उससे डरकर उन्होंने ये कानून बनाया ताकि ऐसे किसी विद्रोह/क्रांति को दबाया जा सके। अंग्रेजों ने इसे बनाया था भारतीयों का दमन और अत्याचार करने के लिए। उस पुलिस को विशेष अधिकार दिया गया। पुलिस को एक डंडा थमा दिया गया और ये अधिकार दे दिया गया कि अगर कहीं 5 से ज्यादा लोग हों तो वो डंडा चला सकता है, यानि लाठी चार्ज कर सकता है और वो भी बिना पूछे और बिना बताये, और पुलिस को तो Right to Offence है लेकिन आम आदमी को Right to Defense नहीं है। आपने अपने बचाव के लिए उसके डंडे को पकड़ा तो भी आपको सजा हो सकती है, क्योंकि आपने उसके ड्यूटी को पूरा करने में व्यवधान पहुँचाया है और आप उसका कुछ नहीं कर सकते।
 इसी कानून का फायदा उठाकर "लाला लाजपत राय" पर लाठियां चलायी गयी थी, और लाला जी की मृत्यु हो गयी थी और लाठी चलाने वाले सांडर्स का क्या हुआ था ? कुछ नहीं, क्योंकि वो अपनी ड्यूटी कर रहा था और जब सांडर्स को कोई सजा नहीं हुई तो लालाजी के मौत का बदला भगत सिंह ने सांडर्स को गोली मारकर लिया था। वही दमन और अत्याचार वाला कानून "इंडियन पुलिस एक्ट" आज भी इस देश में बिना फुल स्टॉप और कौमा बदले चल रहा है, और बेचारे पुलिस की हालत देखिये कि ये 24 घंटे के कर्मचारी हैं उतने ही तनख्वाह में, तनख्वाह मिलती है 8 घंटे की, और ड्यूटी रहती है 24 घंटे की और जेल मैनुअल के अनुसार आपको पुरे कपडे उतारने पड़ेंगे आपकी बॉडी मार्क दिखाने के लिए, भले ही आपका बॉडी मार्क आपके चेहरे पर क्यों न हो। और जेल के कैदियों को अल्युमिनियम के बर्तन में खाना दिया जाता था, ताकि वो जल्दी मरे, वो अल्युमिनियम के बर्तन में खाना देना आज भी जारी हैं हमारे जेलों में, क्योंकि वो अंग्रेजों के इस कानून में है। जारी .......

6 अगस्त 2012

दो सर वाले बच्चे का जन्म, too head child born in India.........


new born has one neck and two facesकुदरत के करिश्मे का एक जीता-जागता नमूना शनिवार को जोनपुर जिले के आशीर्वाद हॉस्पिटल में दिखा। यहा शिवापार निवासी तिलकधारी यादव की पत्नी किरन यादव ने एक ऐसी बच्ची को जन्म दिया जिसका धड़ तो एक है लेकिन चेहरे दो। वह भी पूर्ण विकसित। वह दोनों चेहरों से रो रही है और दूध भी पी ले रही है। इस तरह की अद्भुत बच्ची भले ही चिकित्सकों समेत सभी के लिए पहेली बनी है। लेकिन, परिजन खासे परेशान हैं। उन गरीब लोगों के लिए तो यह कुदरत का मजाक बनकर रह गया है।
ऑपरेशन के जरिए बच्ची को सकुशल पैदा कराने में सफल अस्पताल की डॉ. अंजू ने कहा कि कंजनाइटर एबनॉर्मिलिटी के चलते एक लाख में ऐसा एक केस सामने आता है। इसमें हार्मोस के कारण बच्चे का विकास असामान्य ढंग से होता है। नवजात बच्ची के भविष्य के बारे में उन्होंने कहा कि यदि इसका समुचित ढंग से विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में इलाज हो तो ऑपरेशन से बच्ची को स्वस्थ किया जा सकता है। बहरहाल कुदरत का यह करिश्मा चर्चाओं में है।

3 अगस्त 2012

चीन ने मुस्लिमो के रोजा रखने पर रोक लगायी, ''शिनजियांग'' में रोजा नहीं रखने का आदेश...........


Roja ban in  Xinjiang localitiesचीन ने उत्तर पश्चिमी शिनजियांग स्वायत्तशासी क्षेत्र में रमजान के दौरान मुस्लिम अधिकारियों और छात्रों के रोजा रखने पर पाबंदी लगा दी है। नए दिशा निर्देश कई सरकारी वेबसाइटों पर जारी किए गए हैं। इसमें कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं से रमजान के पवित्र महीने के दौरान मुसलमानों के रोजा रखने और मस्जिद जाने पर रोक लगाने के लिए कहा गया है। शिनजियांग में करीब 90 लाख ''उइगुर'' लोग रहते हैं। तुर्की भाषा बोलने वाले ये लोग मुख्य रूप से इस्लाम धर्म मानते हैं। अल्पसंख्यक समुदाय के ये लोग चीन के नेताओं पर धार्मिक और राजनीतिक उत्पीड़न के आरोप लगाते रहे हैं। चीन इन आरोपों से इन्कार करता रहा है। शिनजियांग में अक्सर जातीयहिंसा भड़कती रहती है। चीन की सरकार हजारों उइगुर अधिकारियों की मदद से प्रांत का शासन चलाती है।
शिनजियांग की सरकारी वेबसाइट पर पार्टी नेताओं से गांव के स्थानीय नेताओं के लिए खाना ले जाने के लिए कहा गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोग रमजान के दौरान रोजा नहीं रख रहे हैं और खाना खा रहे हैं। रमजान में धार्मिक गतिविधियों को रोकने के आदेश स्थानीय प्रशासन की वेबसाइटों पर भी जारी किए गए हैं। स्कूल और कॉलेज प्रशासन से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि रमजान के दौरान छात्र मस्जिद न जाएं ।

81 करोड़ भारतीयों का आधार & पासपोर्ट डाटा बिक्री के लिए उपलब्ध

  अख़बार  बिजनेस स्टैंडर्ड  की रिपोर्ट के मुताबिक़, 81 करोड़ से ज़्यादा भारतीयों की निजी जानकारी डार्क वेब पर बिक्री के लिए उपलब्ध है. अख़बा...